लाखन देवाजी पवार: सभी साथियों को ज़िंदाबाद, आज हम मज़दूर और मज़दूरी के बारे में बात करने वाले हैं। साथियों… READ MORE
सलोमी एक्का: मुर्गे की बांग सुनकरभोरे उठकर सबके लिएभोजन पकाती।झटपट-झटपट घर का काम निपटाती,साग-भात टिफिन में भरकरनिकलती काम की तलाश… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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