आदिम संताल – संथाली कविता

पतिचरण मुर्मू: आदिवासी संताड़ सामाज कहानी।आबो संताड़ को ताहेंकाना राजा, रानी ।।ताहेंकाना को किसकू समाज।दिशोमरे ताहेंकाना अनकुवाः राज।।ताहेंकाना आबोवाः चाईगाड़।ताहेंकाना आबोवाः चाम्पागाड़।।आबोवाः गे ताहेंकाना कश्मीर।ओनागे

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संथाल आदिवासी समुदाय ऐसे मानता है सोहराय पर्व

युवानिया डेस्क:  सोहराय पर्वसे संथाल आदिवासियों का एक प्रमुख पर्व है। इस पर्व को मनाने का मुख्य कारण धान पकाने में मदद करने के लिए

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