जिनित सामाद: मई दिवस का इतिहास खून-पसीने की स्याही से लिखा गया है। आज जब हम आधुनिक भारत की बात… READ MORE
समित कुमार कर: 01 मई से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः उद्देश्यः यह दिन उन लाखों मज़दूरों के बलिदान को सलाम करने… READ MORE
मंजुलता मिरी: देश में मज़दूर वर्ग हमेशा से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीता आया है, लेकिन दलित और आदिवासी समुदाय… READ MORE
संजीव कुमार: अगर रुकूँ तो जाऊं कहाँ, अगर रुकों तो जाओं कहाँमेरे यूँ रुक जाने से, यूँ थक बैठ जाने… READ MORE
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संजय पराते : इस बार फिर हरियाणा और पंजाब के किसान परेशान और हलाकान है। रबी फसलों के लिए केंद्र… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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