जेरोम जेराल्ड कुजूर: वन विभाग / पलामू व्याघ्र परियोजना प्राधिकार ने यदि सही मायने में भारत सरकार द्वारा 2006 में… READ MORE
|
सदरे आलम: मैं हूँ बवानाबवाना पुनर्वास कॉलोनीकुछ लोग मुझे बवाना जे. जे. कॉलोनी के नाम से भी पुकारते हैंमुझे कहाँ-कहाँ… READ MORE
|
विलास भोंगाड़े: साल 1983 में दांडेकर कमिटी ने महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ इलाके के पिछड़ेपन के कारणों पर एक रिपोर्ट… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress