राधा परिहार: अनुभव: स्कूल खत्म होने के बाद जब मेरे साथी अपने आगे की पढ़ाई और सपनों को पूरा करने… READ MORE
शालिनी बिष्ट: पहाड़ों में शिक्षा की कहानी केवल विद्यालय जाने और डिग्री हासिल करने की कहानी नहीं है। यह उन… READ MORE
अंकुश गुप्ता: कूड़े की समस्या को समझते हुए मुझे इस बात का एहसास हुआ कि अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग पदार्थ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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