संजय पराते : दिल्ली में आप पार्टी की हार से देश के पैमाने पर उसके विकल्प बनने के मिथक का… READ MORE
संजय पराते: यदि पत्रकारिता लोकतंत्र की जननी है या पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, तो यकीन मानिए, 3 जनवरी… READ MORE
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संजय पराते : इस बार फिर हरियाणा और पंजाब के किसान परेशान और हलाकान है। रबी फसलों के लिए केंद्र… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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