(राग – रंग) जलेश्वर महतो: बाड़ली सेयान भेली,घर दूरा छोड़ी देली,पढ़ली लिखली हायरे,नोकरी नही पाली…… ।।1।।सरकारक सासन देखी,दिला घबराय नी… READ MORE
जलेश्वर महतो: आसार सावन भादों, होवत नखे खेत कादो,खेत में बीड़ा सुखथे,आरी बैठी किसान रोजे कांदथे,कहत में बीड़ा सुखथे…… ।।1।।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress