जागृति सोनकर : मैं दिलकुशा की रहने वाली हूँ। मेरे परिवार में आठ लोग रहते हैं। मेरे पापा पेंटिंग करने… READ MORE
नम्रता मिश्रा : इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के 103 साल पूरे हो रहे हैं। भारत में पहली बार यह… READ MORE
कोमल:यह तस्वीरे दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर की है जहाँ पर महिला मज़दूर अपने तोड़े गए घर के मलबे को बेचकर… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress