मनीषा शहारे: गर्मियों में और बरसात में धान की खेती होती है। पहले पारंपरिक तरीके से खेती की जाती थी।… READ MORE
कोमल: अब गाँव वह गाँव नहीं रहा जो 30-40 साल पहले हुआ करता था। खेती में मौसम के बदलाव से… READ MORE
|
संजय पराते : इस बार फिर हरियाणा और पंजाब के किसान परेशान और हलाकान है। रबी फसलों के लिए केंद्र… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress