अरबिंद भगत: भारत एक बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है, यहाँ विभिन्न प्रकार की संस्कृतियाँ सदियों से विभिन्न देशों-दिशाओं से आकर इसका हिस्सा… READ MORE
संजय बाड़ा: ’30 साल पहले टाटा स्टील में आदिवासी मज़दूरों की संख्या करीब 29 हज़ार थी, जो अब घटकर लगभग… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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