दिपक कांबळे आधुनिक पद्धतीला छेद देत युवा शेतकरी पारंपरिक पद्धतीने शेतीकडे वळताना दिसत आहे. ‘जुनं ते सोनं’ या म्हणीप्रमाणे आज… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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