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डॉ० भीमराव अम्बेडकर – एक कविता 

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नेहा कुमारी:

भीमराव थे बहुत महान
करते थे सबका सम्मान।।

छुआछूत से था लाचार
संविधान लिखकर बना अपार।।

दलित के नाम पर होता था अपमान
संविधान लिखकर पाया जग में सम्मान।।

सबको दी बराबरी का सम्मान
मिटाई ऊंच- नीच का नाम व निशान।।

है डॉ० भीमराव अम्बेडकर वही इंसान
जिन्हे मिला था भारत रत्न से सम्मान।।

कभी नहीं माने वह हार
किया छुआछूत का संहार।।

हमे दिलाया जिसने समानता का हक
कहा जाता है उन्हें संविधान का जनक।।

बनाया इन्होंने भारत का संविधान
डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी को बार- बार प्रणाम।।

Author

  • नेहा कुमारी ग्राम-बरारी कटिहार, बिहार की रहने वाली हैं। नेहा कुमारी नवदृष्टि शिक्षण केंद्र कटिहार, बिहार  में बच्चों को शिक्षा प्रदान करती हैं। उनका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। नेहा कुमारी वर्तमान में बी.एस.सी थर्ड सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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