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कविता : आज का युवा और उसके संघर्ष भरे सपने

नंदिनी शर्मा :

आज का युवा परेशान है, अपनी खुशी की तलाश में।
उलझे जहाँ में ज़िद मन-मर्जी करने वाला,
युवा आज ज़िम्मेदार है।

नौकरी की भाग-दौड़ में उलझा हुआ है,
नींद से बेखबर है, तनाव से भरा हुआ है।
यह कर लेंगे, वो कर लेंगे,
बस इसी उलझन में फंस गया है।

कमाने की चाह में घर से बेगहर है,
छोटी-छोटी बातों पर लड़ने वाला,
बड़ी-बड़ी बातों में धैर्य रखने को तैयार है।

मुश्किलें हज़ार हैं,
उलझनों की भरमार है,
लेकिन जिम्मेदारी की भावना मजबूत है।
बिना फरमाइश रखे सब कुछ मानना,
अब इनका फ़र्ज़-ए-इनाम है।

हर पल नई चुनौतियों का सामना,
हर कदम पर नए संघर्ष का सामना करना,
आज के युवा की पहचान है।
इस समझौते की बड़ी जंग में,
आज का युवा परेशान है, लेकिन हार नहीं मानता।

उसके कदम में गति है,
उसके मन में गति है,
उसकी आँखों में सपने हैं,
उसके दिल में जुनून है।

वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए,
हर संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार है।
वह अपने परिवार को गर्व से देखना चाहता है,
वह अपने देश को आगे बढ़ाना चाहता है।

आज का युवा परेशान है,
लेकिन वह हार नहीं मानता।
वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए,
हर संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार है।

Author

  • नंदिनी शर्मा बदरपुर, दिल्ली में रहती हैं । वह अभी बी.ए. सेकेंड ईयर और सॉफ्टवेयर डेवलपर का कोर्स कर रही हैं। उन्हें लड़कियों और युवाओं के मुद्दों पर लिखना पसंद हैं जिसको वह कविताओं के माध्यम से व्यक्त करती हैं।

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