Site icon युवानिया ~ YUVANIYA

नफ़रत के दौर में प्यार एक रस्सी है

नौशेरवां आदिल:

न जलसों से न जुलूसों से,
न दरगाह पर चादर फूल चढ़ाने से,

पूजा से न आरती से,
न भगवान को चुनरी चढ़ाने से,

मोमबत्ती जलाने से न सेलेब पूजने से,
धर्म संसद चलाने से न माथा टेकने से,

न ईश्वर,अल्लाह, गॉड (God), के नाम पर
जान लेने और देने से,

इंसानियत तो बच सकती है
केवल सदभाव और प्यार मोहब्बत से,
केवल प्यार मोहब्बत से …..।

बिना भेदभाव के, बिना सीमा सरहद के
कर प्यार तू सारे जहान से

प्यार की रस्सी को थाम
कर ले नफरतों के दौर को पार तू।

Author

  • नौशेरवा आदिल अररिया बिहार से हैं और जन जागरण शक्ति मंच संगठन के साथ युवाओं के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। आदिल सामाजिक परिवर्तन शाला से भी जुड़े हैं।

    View all posts
Exit mobile version