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रील और रियल – कविता

दीपिका माथुर:

सोशल मीडिया का ये ज़माना है
भैया सोशल मीडिया का ज़माना है।
यहाँ सभी को पैसा कमाना है
भैया सोशल मीडिया का ज़माना है।

व्हाट्सएप, इन्स्टाग्राम, ट्विटर अलग-अलग सबके नाम है
पर अफवाहों को देना बढ़ावा इनके काम है।
किसी एक का यहाँ तर्क नहीं है
सच झूठ में कोई फर्क नहीं है।
बेचारा आम आदमी
अफवाहों में धस चुका है
सच-झूठ में फस चुका है।

सोशल मीडिया का ये ज़माना है
भैया सोशल मीडिया का ज़माना है।
यहाँ सभी को पैसा कमाना है
भैया सोशल मीडिया का ज़माना है।

एक ही सूचना की जानकारी की यहाँ भरमार है
पर अलग-अलग जानकारी भी तो बेकार है।
कही पर शिकार-शिकारी है
तो कही पर शिकारी ही शिकार है।

बेचारी जनता लाचार है
यहाँ सूचनाओं की भरमार है।
यहाँ सबको अपना सिक्का जमाना है
भैया सोशल मीडिया का ज़माना है।।

Author

  • दीपिका बदरपुर, दिल्ली में रहती हैं और बी. एड. की पढाई कर रही हैं । दीपिका को महिलाओं के मुद्दे पर काम करना पसंद हैं । वह अपनी पढ़ाई पूरी करके अध्यापिका बनना चाहती हैं ।

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