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मनरेगा में महिलाओं की यूनियन: अधिकार, एकता और संघर्ष

उर्मिला फनात:

मालमाथा में नरेगा में महिलाओं का एक संगठन सक्रिय है  –  राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन, डूंगरपुर। यह यूनियन डूंगरपुर जिले के तीन ब्लॉक  –  डूंगरपुर, दोवड़ा और बिछीवाड़ा में 15 गाँवों में काम करती है। यूनियन में जुड़ने के लिए हर सदस्य को सालाना 280 रुपये की सदस्यता राशि देनी पड़ती है।

हमारी यूनियन की एक जिला कमेटी भी है, जिसमें एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और हर गाँव से एक-एक सदस्य होता है। यह कमेटी हर महीने के आखिरी गुरूवार को मीटिंग करती है। मीटिंग में पिछले महीने की समीक्षा की जाती है, अगले महीने की योजना बनाई जाती है, सदस्यता, काम और आने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा होती है।

यूनियन में तीन फुल-टाइम कार्यकर्ता और चार पंचायत कार्यकर्ता हैं। ये लोग महीने में एक-दो बार मीटिंग करते हैं। गाँवों में महिलाओं के साथ हर महीने नियमित मीटिंग होती है, जिसमें एक फिक्स दिनांक तय होता है। मीटिंग में हम काम समझाते हैं, जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं और यूनियन के नियम अपने भाषा में समझाते हैं। इसके लिए एक शपथ भी बनाई गई है, जैसे:

यूनियन की व्यवस्था के अनुसार, हर तीन मास्टररोल में मेट बदलना तय है, जिसे मजदूर खुद तय करेंगे। हर मास्टररोल में पानी वाले और आवेदन, जमा करने का काम समूह बनाकर किया जाता है। महिलाओं को अधिक से अधिक मेट बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है और दूसरे गाँवों में भी यूनियन का काम फैलाया जाता है। समस्याओं पर चर्चा के लिए जनसुनवाई होती है:

अगर कोई समस्या पंचायत या ब्लॉक स्तर पर हल नहीं होती, तो उसे जिला स्तर की जनसुनवाई में ले जाकर पत्र दिया जाता है। इसके अलावा, हर महीने ट्रेनिंग और जनसुनवाई आयोजित की जाती है, जिसमें सदस्य मनरेगा और जन सूचना पोर्टल के बारे में सीखते हैं  –  जैसे दिन चेक करना, रेट देखना, ऑनलाइन बजट, पेंशन, राशन और श्रमिक कार्ड।

हर महीने 16 तारीख को आम सभा होती है, जिसमें जिला स्तर पर विभिन्न मुद्दों और समस्याओं को उठाया जाता है। इन समस्याओं का समाधान करवाने के लिए पत्र लिखे जाते हैं, दस्तावेज तैयार किए जाते हैं और उनका लगातार पालन किया जाता है।

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  • उर्मिला शारदा फनात, डूंगरपुर ज़िले के बिछीवाड़ा ब्लॉक के मालमाथा गाँव में रहती हैं। उर्मिला, राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन की सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अपने क्षेत्र की महिलाओं के अधिकार, मनरेगा और मज़दूर मुद्दों पर काम करती हैं।

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