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साइरन की आवाज़ ने बचाई जान

युवानिया डेस्क :

सोशल मीडिया से साभार 

एरिक नाम के 22 वर्षीय फायरमैन ने एक कॉल का उत्तर देते हुए कहा: “जी हाँ, यह अग्निशमन विभाग है।” लाइन की दूसरी ओर से कोई उत्तर नहीं आया, लेकिन एरिक ने गहरी-गहरी साँस लेने की आवाज़ सुनी।

कुछ देर बाद, एक कमजोर सी दर्द भरी आवाज आई: “मदद करो, मेरी मदद करो… मैं खड़ी नहीं हो सकती, मेरा खून बह रहा है।”

“घबराओ मत, महोदया,” एरिक ने उत्तर दिया, “आप कहाँ हैं? हम जल्द ही वहाँ पहुँचेंगे?”

“मुझे नहीं पता।”

“क्या आप घर पर हैं?”

“हाँ, शायद मैं घर पर हूँ।”

“कहाँ रहती हैं? कौन सी गली में?”

“मुझे नहीं पता। मेरा सिर चक्कर खा रहा है, मेरा बहुत खून बह रहा है।”

“क्या आप कम से कम मुझे अपना नाम बता सकती हैं?”

“मुझे याद नहीं है, मुझे लगता है कि मैंने अपना सिर किसी चीज में दे मारा है, मेरे सिर में बहुत चोट लगी है।”

“कृपया फोन मत काटना।” एरिक ने कहा फिर उसने फ़ोन कंपनी को कॉल करने के लिए दूसरा फोन उठाया, उस ओर से एक व्यक्ति ने कहा ‘हेलो’।

“कृपया यह पता लगाने में मेरी मदद करें कि इस फ़ोन नंबर से कौन कॉल कर रहा है, उसने अग्निशमन विभाग को फ़ोन मिलाया है।”

“नहीं श्रीमान जी, मैं कुछ नहीं कर सकता, मैं यहाँ सिर्फ एक नाइट गार्ड हूँ, मुझे इन चीजों के बारे में कुछ नहीं पता। इसके अलावा आज शनिवार है, और छुट्टी होने की वजह से यहाँ कोई और स्टाफ नहीं है।”

एरिक ने फ़ोन रख दिया और फिर कुछ सोच कर उसने महिला से पूछा: “आपको अग्निशमन विभाग का फ़ोन नंबर कहाँ से मिला?”

महिला ने कमजोर सी आवाज में उत्तर दिया: “यह नंबर फोन में सेव था, जब मैं गिरी तो मैंने फोन उठाया और कॉल हो गई।”

एरिक ने आगे कहा: “एक बार देखिये कि फोन में आपके घर का नंबर है या नहीं?”

जी नहीं, कोई अन्य नंबर नहीं है, कृपया आप जल्दी से आ जाइये!” महिला की आवाज लगातार कमजोर होती जा रही थी।

एरिक ने झट से पूछा, “कृपया मुझे बताएं कि आपको क्या दिखाई दे रहा है?”

“…मुझे एक खिड़की दिखाई दे रही है, खिड़की के बाहर एक स्ट्रीटलाइट जल रही है।”

इससे एरिक समझ गया कि महिला का घर सड़क की ओर था, और यह निश्चित रूप से ऊंची मंजिल पर नहीं था, तभी वहाँ से वो महिला स्ट्रीटलाइट को देख पा रही थी।

“खिड़की कैसी है? क्या यह चौकोर है?”

“नहीं, यह आयताकार है।”

खिड़की के आकार के आधार पर एरिक ने अनुमान लगाया कि महिला किसी पुराने घर में रह रही होगी।

“क्या आपके घर में लाइटें जल रही हैं?” फायरफाइटर एरिक ने सवाल किया।

“हाँ, वे जल रही हैं।”

एरिक और अधिक सुराग चाहता था, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं आ रहा था, हालांकि फोन अभी तक कटा नहीं था।

एरिक जानता था कि उसे तुरंत कार्रवाई करनी होगी। लेकिन केवल उन सुरागों के आधार पर वह क्या कर सकता था? उसने अपने कप्तान को फ़ोन किया और सारी बात बताई।

यह सुनकर कैप्टन ने कहा, “कोई रास्ता नहीं है, हम इस महिला को नहीं ढूंढ सकते…”।

एरिक ने यह सुना लेकिन फिर भी वो हार नहीं मानना ​​चाहता था। एक फायरफाइटर का पहला कर्तव्य “लोगों को बचाना” था, यही उसे सिखाया गया था।

तभी एरिक के मन में एक साहसिक विचार आया और उसने कप्तान को अपना विचार व्यक्त करने में संकोच नहीं किया। कैप्टन ने जब यह सुना तो वह चौंक गया, “अगर तुम ऐसा करोगे तो लोग सोचेंगे कि युद्ध छिड़ गया है।”

“श्रीमान जी, मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ, कृपा करके ऐसा ही करें”, एरिक ने कहा, “और ये हमें फ़ौरन करना होगा, अगर हम पीड़ित महिला को बचाने का यह मौका चूक जाते हैं, तो हमारा काम ही व्यर्थ है”।

एक पल के लिए चुप हो कर कप्तान ने कहा: “ठीक है, जैसा तुम कहते हो ऐसा ही करते हैं, मैं तुरंत आ रहा हूँ”।

दस मिनट बाद, 20 फायर ट्रकों ने सायरन बजाते हुए सारे शहर में घूमना शुरू कर दिया, प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक, सभी सड़कों पर।

इसके बाद एरिक फ़ोन से महिला की ओर से आने वाली आवाज़ को ध्यान से सुनने लगा, वह अभी भी उसकी गहरी-गहरी साँस लेने की आवाज़ सुन सकता था।

तब कैप्टन ने उससे पूछा कि क्या उसने फायर ट्रक का सायरन सुना है। “हाँ,” एरिक ने उत्तर दिया।

कैप्टन ने आदेश दिया, “कार नंबर 2, सायरन बंद कर दो।” इस बार, एरिक ने उत्तर दिया, “मैं अभी भी सायरन सुन रहा हूँ।”

कप्तान ने एक-एक कर सभी फायर ट्रकों को साईरन बंद करने का आदेश देना शुरू कर दिया, जैसे ही 12वें ट्रक का साईरन बंद हुआ, एरिक अब चिल्लाया, “अब मुझे साईरन की आवाज सुनाई नहीं दे रही।”

“कार नंबर 12, सायरन चालू करो।”

“मैं सायरन सुन पा रहा हूँ लेकिन उसकी आवाज दूर होती जा रही है।”

“कार संख्या 12, वापिस मुड़ो,” कप्तान ने आदेश दिया।

इसके तुरंत बाद, एरिक चिल्लाया: “हम करीब आ रहे हैं, सायरन की आवाज़ तेज़ होती जा रही है, हमें महिला के घर की ओर जाने वाली सड़क के करीब पहुँचना चाहिए।”

कप्तान ने पूछा: “कार नंबर 12, क्या तुम्हें स्ट्रीटलाइट दिख रही है?”

“सौ से अधिक स्ट्रीट लाइटें हैं। हर कोई खिड़की से बाहर झाँक रहा है कि ये क्या हो रहा है।”

“लाउडस्पीकर का प्रयोग करो,” कप्तान ने आदेश दिया।

एरिक ने लाउडस्पीकर की आवाज सुनी: “देवियों और सज्जनों, हम एक महिला की तलाश कर रहे हैं जिसकी हालात बहुत गंभीर है, हम केवल इतना जानते हैं कि उसके घर की लाइट जली हुई हैं, इसलिए कृपया आप सब अपनी लाइट बंद कर दें”।

कुछ ही देर में, एक खिड़की को छोड़कर, सभी घरों में अंधेरा हो गया… एरिक ने कमरे में प्रवेश करने वाले अग्निशामकों की आवाज़ सुनी, उनमें से एक वॉकी-टॉकी पर कह रहा था: “यह महिला बेहोश है, लेकिन उसकी नब्ज अभी भी चल रही है। हम उसे अस्पताल ले जा रहे हैं, हमें यकीन है कि वह बच जाएगी।”

हेलेन थोर्नडा – यह उस महिला का नाम था जिसे बचाया गया था। कुछ सप्ताह बाद उसे होश आ गया और उसकी याददाश्त भी वापस आ गई।

युवा फायरफाइटर एरिक ने सीमा से बाहर जाकर अपने कर्तव्य का दृढ़ता से पालन करते हुए एक कीमती जान बचा ली। 

इस घटना से एक बात साफ़ होती है कि: “यदि आप वास्तव में कुछ करना चाहते हैं, तो आप निश्चित रूप से उसका कोई न कोई रास्ता खोज ही लेंगे। इसके विपरीत, यदि आप कुछ करना ही नहीं चाहते और परिस्थिति को यूँ ही छोड़ देना चाहते हैं, तो आप खुद को झूठी सांत्वना देने और अपने को बहकाने के कई बहाने तलाश कर लेंगे।  करना या न करना आपके ऊपर है!”

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