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सवाल बवाल – कविता

अमित:

विज्ञानं दिवस के अवसर पर:

चिड़ियों की आवाज़, कीड़ों की चाल
हवा की दिशा, मौसम का हाल
चलो निकालें आज बाल की खाल
बारीकी से देखें, जांचें, परखें
करें खूब सवाल

करें खूब सवाल –
ऐसा क्यों, वैसा क्यों नहीं?
कैसे, कहाँ से और कब से
चलो पूछो सवाल कुछ भी
इनसे, उनसे सबसे।

याद करो आज बचपन के सारे सवाल
चलो पूछना शुरू करें
नहीं पूछने दिया जिन्हे सदियों से
शिक्षा, संस्कृति और लिहाज़ के नाम पर,
आने दो बाड़, सवालों की नदियों से।

प्रगति पथ
दबे कुचले प्रश्नों को
खड़ा करने से ही बनते आए
चलो आज हम भी
प्रश्न गढ़ें, प्रगति की ओर एक कदम उठाएं।

Author

  • अमित, सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़े हैं और मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले में एक वैकल्पिक शिक्षा के प्रयोग पर शुरू हुआ स्थानीय स्कूल - आधारशिला शिक्षण केन्द्र चलाते हैं।

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