पंकज देवरे:
मैं मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाँव, पानसेमल से हूँ जो महाराष्ट्र बाउंड्री से लगा हुआ हैI मैं महाजन जाति का हूँ और OBC मे आता हूँ I मैने 12वी तक पढ़ाई की ओर उसके बाद आईटीआई का कोर्स करके ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करना शुरु किया I मेरे पापा पान की दुकान चलाते हैं और मां ग्रहणी हैं I मेरा एक छोटा भाई और एक छोटी बहन है I पापा की दुकान से उतना घर खर्च नहीं निकल पाता था जिस कारण मैने 12वीं के बाद काम करना शुरू कर दिया और घरखर्च में अपना योगदान दिया I उस उम्र में मेरे सभी दोस्तों की गर्ल फ्रेंड हुआ करती थी I उनको देखकर मुझे भी वो कमी खलती थी I मेरी ज़िंदगी मे कोई प्यार नाम का परिंदा था नहीं I जो था दोस्तों का था इसलिए मुझे भी लगता था की कोई जीवन में होना चाहिए I इसी उम्मीद के साथ चल रहा था पर वक़्त कहाँ मेरे लिए रुकने वाला I बोलते हैं कि जोड़ी तो ऊपर वाला बनाता है I
मेरी जिंदगी में भी लव स्टोरी लिखी जा रही थी I गांव का नाम खेतिया, जो आधा मध्य प्रदेश और आधा महाराष्ट्र में आता है I हमारे सपनों की रानी थी सपना I जैसा नाम वैसा काम I इस स्टोरी में जाति व्यवस्था ने खलनायक का रोल निभाया I मैं OBC हूँ और सपना हरिजन SC समाज की थी I खेतिया और पानसेमल के बीच की दूरी 11 किलोमीटर थी I मेरा एक दोस्त पाटिल था जिसके साथ मेरा रात-दिन का उठना-बैठना रहता था I पाटिल की दोस्त की मुंह बोली बहन थी सपना I पाटिल उसके बारे में बताया करता था I एक बार पाटिल अपनी दोस्त से बात करते हुए कुछ काम आने पर मोबाइल चालू रखकर मुझे हाथ में देकर चला गया I तब सपना भी उसकी बहन के साथ थी I मैने कुछ देर भाभी से बात की और फिर सपना ने मुझसे बात करना शुरु किया I उस दिन हम दोनों को एक दूसरे से कुछ देर बातें करके अच्छा लगा I हमने और एक दो बार बात की और उसके बाद हम रोज बात करने लगे I समय का पता ही नहीं चलता I हमने एक दुसरे से एक माह तक बिना देखे बात की I फिर फैसला लिया कि हमें मिलना चाहिए और हमने दिन और तारीख तय की I
उस दिन हमारी पहली मुलाकात थी लेकिन हमने एक दूसरे को कभी देखा ही नहीं था इसलिए तय हुआ की ड्रेस कोड रखा जाये I हम दोनों चयनित स्थान गर्ल्स कॉलेज में पहुचे I अब मैं पिंक ड्रेस में और वह ब्लैक ड्रेस में थी I किस्मत देखो कि उस दिन बहुत सारी लड़कियों ने ब्लैक ड्रेस पहन रखी थी I मैं उस दिन की मुलाकात नहीं भूल सकता जब वो सामने आई तो उसको देखकर ये यकिन ही नही हुआ कि ये सपना हो सकती है I वह बहुत खूबसूरत थी I देखकर यकीन तो हुआ नही पर वेरीफाई करने के लिए कॉल किया I उसने हाथ उठाया कि मैं हूँ I मुझे वो इंडिया और पाकिस्तान के मैच वाली फीलिंग आई जैसे आज भारत को मैने जिताया हो I
अब मुलाक़ात कब प्यार में बदल गई और ये हँसी मज़ाक कब रिश्ते में I यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि जैसे एक दूसरे को कोई अलग नहीं कर सकता पर शादी करने का कोई कमीटमेंट नही था I ऐसा नही कि प्यार कम करता था पर हमारे जाति के भेदभाव को हम दोनों अच्छे से जानते थे I सपना के घर वाले कहने को तो हमसे जाति में कम थे पर खेतिया के जमींदारो में से एक थे I वे अपनी समाज की झूटी शानोशोखत को मानते थे इसलिए अपने ही समाज में सपना की शादी करना चाहते थे ताकि समाज में उनकी झूटी शान बनी रहे I फिर एक दिन ऐसा आया कि हम दोनों के रिश्ते की बात सपना के घर वालों को पता चल गई और वह सपना को डराने धमकाने लगे और बात मारपीट तक आ गई I अब सपना को धमकियां दी जा रही थीं कि अगर उसने आगे मुझसे रिश्ता रखा तो वह मुझे जान से मार देंगे I
सपना ने कुछ दिन कोशिश भी कि मुझसे दूर रहने की पर नहीं रह पाई और एक दिन कपड़े भरकर मेरे पास आ गई और बोली कि मुझे या तो तुम्हारे साथ रहना है शादी करके या फिर आत्महत्या करके मरना है I मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती और घर वाले हमारी शादी करवाएंगे नहीं I अब क्या था ना मैं सपना को अकेला छोड़ सकता था और ना ही उससे शादी कर सकता था क्योंकि मेरे घर में बड़ा बेटा मैं ही था I अगर मैं कुछ ऐसा कदम उठाता हूं तो मेरे परिवार वाले बहुत परेशान होते लेकिन सपना जिससे मैं बहुत ज्यादा प्यार करता था, मैं उसे भी नहीं छोड़ सकता था I इसलिए मैंने फैसला लिया कि परिवार से तो बाद में भी बात हो जाएगी लेकिन सपना को अगर छोडा तो वह अपनी जान दे देगी और अगर वापिस घर भेजा तो भी वह जाएगी नहीं I इसलिए हम दोनों ने साथ में रहने का फैसला किया I
हम दोनों सबसे छुपते-छुपाते मुंबई चले गए I मुंबई में मेरे मौसी का लड़का रहता था जिसने हमें रहने के लिए रूम की व्यवस्था करवाई I वह चाह कर भी हमारी मदद नहीं कर सकता था लेकिन उसने जो मेरे लिए किया उसका वो एहसान मैं हमेशा याद रखूंगा I उसकी मदद से अब कम से कम हमारे पास रहने के लिए एक छत थी I जब हम घर से निकले थे तो कई दिनों तक हम ट्रेन में इधर-उधर भटकते रहे, कई रातें हमने ट्रेन में ही गुजारी I स्ट्रीट फूड खाकर जीवन जिया I पैसे भी नहीं थे और उस टाइम पर मेरे भाई ने हमें जो मदद की वह मेरे लिए अमूल्य थी I अब हम दोनों के पास एक छत और कुछ खाने पीने के लिए सामान भी था I
उसके बाद हम लोगों ने काम शुरू कर दिया I हम लोगों ने गायत्री मंदिर में शादी करके उसे फेसबुक पर भी पोस्ट किया था कि सबको पता चल जाए कि अब हम शादी कर चुके I हम दोनों बालिग थे और हमारी शादी का फैसला ले सकते थे I फेसबुक पर पोस्ट करना मेरी मज़बूरी थी क्योंकि जिन लोगो ने हमें भागने में मदद की थी, सपना के परिवार वाले उन्हें परेशान कर रहे थे I मेरे दोस्तों को बचाने के लिए मैंने यह फैसला लिया था I अब हम मुंबई में एक अच्छा जीवन जी रहे थे I सपना भी वहां पर गार्ड की नौकरी कर रही थी और मैं भी मॉल में सिक्योरिटी गार्ड में काम कर रहा था I उसके बाद मुझे मुंबई में एक अच्छा ऑफर मिला और वहां पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपना काम शुरू किया I यहां पर मुझे अच्छी तनखा भी मिल रही थी और मैं अपने काम को अच्छे से सीख भी रहा था I
धीरे से अब मेरे घर वालों से मेरी बात होना शुरू हुई और मुझे पता चला कि मेरे ना रहने पर उन पर क्या-क्या बीती I तब मुझे पता चला कि सपना के घर वालों ने मेरे माता-पिता, भाई बहन को बहुत परेशान किया I मेरी माँ ने तो अपनी जान देने के लिए जहर भी खा लिया था I यह सब जानकर मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी लेकिन मैं क्या कर सकता था I धीरे-धीरे मैने उन लोगों से बातें करना शुरू किया I मेरी छोटी बहन की सगाई हो चुकी थी जिसकी मुझे खबर भी नहीं थी I मुझे बहुत दुख हुआ कि मैं कितना अभाग्यशाली हूं कि अपनी बहन की सगाई तक की खबर भी नहीं जान सका I अब उसकी शादी की तैयारी हो रही थी I घर वालों का कहना था कि आप लोगों को लगभग एक साल होने आया है अब तुम आ जाओ I हमें भी लगा कि अब सब लोग शांत हो गए होंगे I सपना ने भी धीरे-धीरे अपने गांव में रहने वाले लड़के से बात करके अपने परिवार के बारे में जानना शुरू किया I तो पता चला कि सब लोग शांत हैं I
हमने फैसला लिया कि हमें घर जाना चाहिए और हम मुंबई में ग्यारह महीने रहने के बाद वापस अपने गांव पानसेमल की ओर लौटे I इत्तेफाक से उस दिन हम जिस बस में आ रहे थे वह बस खेतिया तक के लिए ही थी I मैं, सपना और मेरी बहन जो ससुराल में शादी से पहले वाली रसम करने आई थी, हम तीनों खेतिया में उतरकर बस स्टॉप तक गए और बस में बैठे I वहां उसके गांव के एक लड़के ने हमें देख लिया और यह खबर उसके घर वालों को दे दी I अब क्या था सपना के घर वालों को पता चल चुका था कि हम लोग आ चुके हैं I
मेरा घर बन रहा था इसलिए पास में एक किराए से रुम लिया हुआ था जहां पर सपना और मैं भी रहने लगे I एक दिन सुबह-सुबह सपना के पापा, भाई और कुछ गांव के लोग टेंपो लेकर आए और कहा कि सपना तेरी मां बहुत बीमार है, मरने वाली है I तू चल तुझे याद कर रही है I तू उसके मुंह में गंगाजल डाल देना बस इतना ही है I सपना को लगा कि मां मर रही है तो उसे जाना चाहिए I उसनेमेरे मना करने पर उसने मुझसे झगड़ा किया और जाने के लिए तैयार हो गई I हम उसे टेंपो में बैठकर सपना के घर चले गए I
मैं उस दिन को आज भी बहुत कोसता हूं कि काश मैं सपना को रोक लेता और नहीं जाता I अगर रोक लिया होता तो आज वह मेरे पास होती I जब हम टेंपो से घर पर उतरे, सपना दौड़ते हुए अपने घर में गई I आखिर एक साल बाद वह अपने घर को देख रही थी I उसकी जो खुशी थी वह आज भी मेरी आंखों के सामने घूमती है लेकिन पता नहीं था कि अब यह खुशी मौत में तब्दील हो जाएगी I सपना और मैं जब घर में गए तो उसके घर वालों ने हम पर वार किया I वह घबराते हुए पीछे के रास्ते से बाहर निकली लेकिन बाख न पाई I मैं वहां से भागकर किसी तरह खून में लथपथ थाने पहुंचा I बहुत गिड़गिड़ाने के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर उन लोगों को गिरफ्तार किया I मैं वहां पर बेबस की तरह रोता रहा I मैं बहुत डिप्रेशन में चला गया I
मेरा एक दोस्त था जो कि मुझे हमेशा समझता था और उसने मुझे जैसे तैसे करके उस डिप्रेशन से थोड़ा बाहर निकाला I अब मैं कुछ सोचने समझने के लिए स्थिर था I अब मेरा एक ही मकसद था कि सपना के मर्डर करने वालों को आजीवन कारावास होना चाहिए I मैंने पूरा केस लड़ा I बीच में मुझे धमकियाँ भी दी गेन और पैसे का लालच भी दिया लेकिन मैं नहीं माना I और एक दिन ऐसा आया कि कोर्ट ने उनको आजीवन कारावास दिया उस दिन मेरे जीवन का मकसद पूर्ण हुआ I मुझे लगा कि मेरी सपना को अब शांति मिली होगी I मैं भी धीरे धीरे काम में लग गया I
दो तीन साल बाद मेरी मुलाकात बड़वानी में एक ऐसी लड़की से हुई जिसका तलाक हो चुका था I उसकी एक बेटी थीI वह बहुत ही साहसी थी और मुझे उसमें सपना की कुछ झलकियां भी नजर आने लगीं I मैंने उससे बातचीत की तब पता चला कि वह भी बहुत परेशानियों से गुजर चुकी है I उसने बताया कि आगे लाइफ में शादी नहीं करना है I जब हम दोनों ने एक दूसरे के जीवन के बारे में बातें साझा करीं तो हमें लगा कि कहीं ना कहीं हम दोनों टूटे हुए हैं और अगर हम दोनों साथ में रहते हैं तो हमारा जीवन अच्छा बन सकता है I उसकी एक छोटी सी बेटी थी जो मुझे बहुत प्यारी लगती थी I सपना और मेरा भी ख्वाब था कि हमारी पहली संतान बेटी हो I मैं उसके साथ अपना वह जीवन देख रहा था जो सपना और हम जीना चाह रहे थे I
मैंने उसे कहा अगर आपको कोई परेशानी ना हो तो हम शादी कर सकते हैं I हम दोनों ने बात की और हमने घर वालों को बताया I मेरे घर वाले तो मान गए लेकिन उसकी मम्मी नहीं मानी क्योंकि यहां भी वही समाज की बात आ रही थी I यहाँ भी हम दोनों की जाति एक नहीं थी I मेरे घर वाले तो राजी थे क्योंकि वे जानते थे की मै जिस दौर से गुजरा हूँ उस दौर में मुझे एक जीवनसाथी मिल रहा है वही बहुत बड़ी बात थी I लेकिन उसकी मम्मी को बहुत परेशानी थी कि नहीं यह शादी नहीं हो सकती I फिर हम दोनों ने शादी करने का फैसला ले ही लिया और उसकी मम्मी के ना चाहते हुए भी हमने सभी रिश्तेदारों के साथ एक रीति रिवाज से विवाह संपूर्ण किया I मेरे जीवन में यह अधूरा था जब मैने सपना से शादी की तब हम दोनों ही थे लेकिन इस बार मेरा और उसका पूरा परिवार था जिन्होंने हमें आशीर्वाद दिया I
हम दोनों ने वह सारे सपने पूरे किए जो कहीं ना कहीं उसकी पहली शादी में भी नहीं हो पाए थे और मेरी भी शादी में नहीं हो पाए थे I वह जॉब करती थी I उसकी प्यारी बेटी ने मुझे भी पिता के रूप में अपना लिया था I अब हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझने लगे थे I
हम दोनों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुबह और शाम एक कर दी तथा कड़ी मेहनत करने लगे I धीरे-धीरे एक किराए के घर में सारी चीज हमने बसा ली I उसके बाद हमने फैसला लिया कि हम दोनों को एक खुद का घर भी लेना चाहिए I लोन लेकर एक मकान भी बना लिया और आज हम दोनों एक सुखी परिवार की तरहे जी रहे हैं I उसकी सबसे बड़ी बात है कि उसने मेरी सपना को अपनी बड़ी बहन बना लिया है I उसकी यही अदाएं मुझे बहुत पसंद है I उसके मन में कोई भी बैर नहीं है I वह सबको अच्छा समझती है I हमेशा मुझे सपोर्ट करती है I ऐसा लगता है जैसे भगवान ने मेरी सपना को फिर से मुझे भेज दिया है I मैंने सोचा नहीं था कि सपना के जाने के बाद में यह जीवन जी पाऊंगा लेकिन उसके मिलने के बाद मुझे मेरा सारा जीवन मिल गया जो मैंने सोचा था I वह सारी चीज हम दोनों ने कर दिखाई I एक सर्व सुविधायुक्त हमने घर बनाया I सेकेंडहैंड एक छोटी सी कार ली और एक हंसी खुशी वाला परिवार की तरह रह रहे हैं I हम बड़वानी में रहते हैं और हम दोनों के परिवार हम से 120 और 80 किलोमीटर दूर रहते हैं पर दोनों के परिवार हमारे पास आते हैं I कुछ दिन हमारे साथ रहते हैं और चले जाते हैं I इस तरह अब हमारा जीवन बहुत अच्छे से चल रहा है।

