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नशे से बर्बादी

सुरेश डुडवे:

नशे की लत ने उसे पूरी तरह से खोखला कर दिया था। पिछले साल उसे खून की उल्टियां होने लगी थी, तब जैसे-वैसे परिवार वालों ने भाग-दौड़ कर उसका इलाज करवाया, जिससे उसे नया जीवन मिला। कुछ समय वह नशे से दूर रहा, लेकिन फिर से वह नशे की ओर बढ़ने लगा। कहते है ना कि पहले इंसान शराब को पीता है, फिर एक दिन शराब ही इंसान को पीने लगती है। वही स्थिति आज उसकी हो गई है। अब वह शराब के साथ-साथ जुए की ओर भी बढ़ गया। वह घर वालों की मेहनत के पैसों को पानी की तरह बहाने लगा। घर वाले उसकी इस आदत से तंग आ गए।

आज वह कुछ ज़्यादा ही नशा करके घर आया। बीबी-बच्चों ने मेहनत करके कुछ पैसे बचाए हुए थे, वह आकर पैसे मांगने लगा। मना करने पर झगड़ा करने लगा। बच्चों ने आज मन बना ही लिया था कि आज किसी भी हालात में उसे नशे और जुए के लिए पैसे नहीं देने है। इसलिए वह बच्चों और बीवी के साथ गाली-गलौच करने लगा और हाथा-पाई पर उतर आया। बच्चों ने इस बार उसे अच्छे से पीट दिया और बोल दिया कि आपने पूरे परिवार की मेहनत के पैसों को नशे और जुए में लगा दिया, अब एक पैसा नहीं मिलने वाला। अब हम भी समझदार हो चुके हैं, इसलिए अब ये सब बंद करो तब जाकर रोटी मिलेगी।

फीचर्ड फ़ोटो आभार: पिक्साबे

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  • सुरेश, मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले से हैं। आधारशिला शिक्षण केंद्र के पूर्व छात्र रह चुके सुरेश अभी तमिल नाडू सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।

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