‘काफल पाको, मिन नी चाखो’ उत्तराखंड की एक मार्मिक लोककथा

महिपाल: चैत का महीना शुरू होने वाला है और इन दिनों उत्तराखंड के जंगलों में काफल का फल पकने को तैयार है। काफल पर एक

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छत्तीसगढ़ का छेरछेरा लोक पर्व

दुर्गा दीवान: छेरछेरा त्यौहार छत्तीसगढ़ का लोक पर्व है । अंग्रेज़ी के जनवरी माह में व हिन्दी के पुष पुन्नी त्यौहार छेरछेरा को मनाया जाता

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उत्तराखंड की गढ़वाली कहावतों या औखाणों की रोचक दुनिया

सिद्धार्थ:  इंसान के पाषाण काल के दौर से आज तक के सफर को तय करने और इस दौरान विकसित होने में, भाषाओं का बेहद अहम

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आज न वो घुघुती रही और न आसमान में कौवे

महिपाल: उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्र में मकर संक्राति के दिन मनाये जाने वाले त्यौहार ‘उत्तरैणी’ और ‘मकरैणी’ का खासा महत्व है। गढ़वाल में

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उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद शहर की विरासत

अफाक़ उल्लाह: चौक एज में घंटाघर से गुलाबबाड़ी की तरफ़ जाते हुए बायें हाथ पर एक 1920 के करीब शुरू हुई छोटी सी दुकान है।

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महंगाई खा गई छोटे मेलों को!

अफ़ाक उल्लाह: कई दिनों से बाराबंकी के अलग-अलग क्षेत्रों में बुनकर (हथकरघा) समुदाय के लोगों के साथ मिल-जुल रहे हैं। घूमते-घूमते हम मुश्कबाद गाँव में

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