आज़ाद भारत के इतिहास में भुला दिए गए खरसावां गोलीकांड पर चिंतन

सन्नी सिंकू: लगभग देश स्वतंत्र होने के पाँच माह बाद 1 जनवरी 1948 को खरसावां में गोलीकांड हुआ था। आज़ाद भारत का पहला सबसे बड़ा

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पुराना ज़माना – गया ज़िले के बुज़ुर्गों से बातचीत

बिहार के गया ज़िले में स्थित सहोदय ट्रस्ट के बच्चों ने गाँव के बुजुर्ग, श्री रोहण यादव से बातचीत की और पता किया की पुराने

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भूमिहीन नहीं थे हम पहले

अमित: ये कहानियाँ 1997 में पश्चिम चंपारण ज़िले में गाँव की मीटिंग में सुनीं थीं। स्कूल के कमरे में एक दिवसीय मीटिंग के लिये इकट्ठे

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पेरियार और जाति का उन्मूलन

युवानिया डेस्क: पेरियार ई. वी. रामासामी ने भारत में जाति उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्होंने तमिल नाडु में आत्मसम्मान आंदोलन की स्थापना की और

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हम गरीब कैसे बने – 3 : महंगी पड़ी नमला को जुवार!

कुछ सुनी, कुछ आँखों देखी – अस्सी – नब्बे के दशक में पश्चिम मध्य प्रदेश के आलीराजपुर ज़िले में खेडुत मजदूर चेतना संगठ में काम

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कहाँ चले गए साकची (जमशेदपुर) के आदिवासी ?

संजय बाड़ा: ’30 साल पहले टाटा स्टील में आदिवासी मज़दूरों की संख्या करीब 29 हज़ार थी, जो अब घटकर लगभग 1900 हो गई है।’ यह

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