कूड़ा निपटान और मज़दूरों का जीविका संघर्ष

धर्मेन्द्र यादव: सन् 2008 में एक एनेमीशेन फिल्म आई, वॉल-ई। इस फिल्म में दिखाया गया कि किस तरह से दुनिया अपने द्वारा बनाई गई वस्तुओं

Continue reading

विकास विरोधी रूढ़िवादी परंपराओं पर आदिवासी महिलाओं की कड़ी चोट

कोर्दुला कुजूर: कहा जाता है कि किसी भी समाज की भाषा-संस्कृति और वहाँ की परम्परा उस समाज का आईना होते हैं। हम मानते हैं और

Continue reading

1 अगस्त को दिल्ली में जन जागरण शक्ति संगठन बिहार के मनरेगा मज़दूरों ने किया प्रदर्शन 

अखिलेश:  मनरेगा के काम में मजदूरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लिखित में काम मांगने के बावजूद उन्हें सही समय पर काम

Continue reading

उत्तराखंड के हेलंग में घस्यारी से घास छीनती पुलिस

गोपाल लोधियाल : उत्तराखंड के चमोली जिले में जहाँ से अलकनंदा बह रही है, इसके सिरहाने पर बसे हुए हेलंग गाँव के लोग आजकल अपने

Continue reading

କୃଷି ସଙ୍କଟ ସମୟରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ପ୍ରଧାନ ମନ୍ତ୍ର ଫାସଲ ବିମା ଯୋଜନାର ଅବସ୍ଥା कृषि संकट के दौर में ओडिशा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हाल

ବାଲକ୍ରିଷ୍ଣ ଷାଣ୍ଡ/ बालकृष्ण साण्ड: ଦେଶରେ କ୍ରୁଷି ଓ କ୍ରୁଷକର ସଂକଟ ଦେଖାଦେଇଛି। ବିଶେଷ ଅବିକଶିତ ରାଜ୍ଯ ରେ ସ୍ଥିତି ଭୟଙ୍କର। ଦରଦାମ ବ୍ରୁଦ୍ଧି ସମସ୍ୟା କୁ ଆହୁରି ଜଟିଳ କରୁଛି। କ୍ରୁଷି କାମ

Continue reading

“इसे हम खाते हैं और इसी में सांस लेते हैं, यह धूल हमें मार डालेगी”: यूपी के महोबा में खनन का सच

शैलेन्द्र राजपूत: उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले के कबरई क्षेत्र में पत्थर खनन से हज़ारों की मौत पर सरकारों ने चुप्पी साध रखी है। मैं

Continue reading

1 2 3 8