चित्तौड़गढ़ की कविता भील की लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ाने की पहल

कविता भील: मेरे गाँव का नाम पीरखेड़ा है जो ग्राम पंचायत फाचर अहिरान में आता है। हमारी तहसील का नाम निम्बाहैड़ा है और हमारा ज़िला

Continue reading

सही मज़दूरी और सम्मान के लिए संघर्षरत हैं देश की महिला घरेलू कामगार

श्रुति सोनकर: अक्सर हम देखते है कि महिलाएं घर का सारा काम करने के साथ-साथ दूसरे के घरों में काम करके खुद पैसा भी कमाती

Continue reading

विदर्भ के गोसेखुर्द बाँध विस्थापितों के पुनर्वास और जातिभेद पर जीत की कहानी

विलास भोंगाड़े: साल 1983 में दांडेकर कमिटी ने महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ इलाके के पिछड़ेपन के कारणों पर एक रिपोर्ट पेश की थी, उसे विदर्भ

Continue reading

हम गरीब कैसे बने – 2 : “घर बखर सब आपका लेकिन डेहरी के अंदर पांव मत रखना!”

आदिवासियों से ज़मीन छिनने की कहानी अमित: मध्य प्रदेश के सतना ज़िले के श्री साधूराम से सुनकर अमित ने लिखी यह कहानी सतना ज़िले के

Continue reading

निमाड़ अंचल के आदिवासियों की परम्परागत न्याय व्यवस्था

दीवान डुडवे: प्राचीन समय से आज तक आदिवासी अपनी रूढ़ि-प्रथा अर्थात रीति-रिवाजों से प्रशासित व संचालित होते आ रहे हैं, इसी को हम परम्परागत सांस्कृतिक

Continue reading

उड़िया कविता: କୁଆଡେ ଗଲ? | किधर गए ?

अमूल्य कुमार नायक: ରାଜନୀତି ଦଳେ  ନିର୍ବାଚନ ବେଳେ         ନେତା, କର୍ମୀ ପଲପଲ,ସଙ୍କଟ ବେଳରେ  କେଉଁଠି ଲୁଚିଲ         ଲୋକମାନେ କଲବଲ ।         କାହାର କଅଣ କଲ  ?ମନ୍ତ୍ରୀ, ବିଧାୟକ,  ସାଂସଦ, ଅଧ୍ୟକ୍ଷ         ଏ ବେଳେ କୁଆଡେ ଗଲ ?? ଶୀତଳ

Continue reading

1 2 3 4