कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं बाँसवाड़ा के आदिवासी इलाके

महेश मईडा: वर्तमान में पूरे विश्व में कोरोना महामारी का प्रकोप जारी है, जिसकी वजह से कोई भी देश इस महामारी के प्रकोप से बच

Continue reading

आदिवासियत को बचाने में अहम भूमिका निभाती ढास/लाह प्रथा

सुरेश डुडवे: आदिवासी समाज में शुरुआत से एक दूसरे के सुख-दुःख को अपना समझ कर चलने की विशेषता रही है, वह आज भी बरकरार है।

Continue reading

अररिया, बिहार के 14 वर्षीय कुनाल की मौत के जिम्मेदार कौन?

अखिलेश, मिथुन: जन जागरण शक्ति संगठन के दो युवा साथियों ने कुनाल की बीमारी व उसके इलाज के चलते परिवार को क्या-क्या मुश्किलों का सामना

Continue reading

आज भी हमें डर है – कविता

जेरोम जेराल्ड कुजूर: आज भी हमें डर है।हमारी ज़मीन पर,हम खुशहाल थे,धान, मडुवा, गोंदली, मकई सेलहराते थे हमारे खेत,देख हम सभी,संग झूमते- नाचते थे अखरा

Continue reading

शहर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं, ग्रामीणों ने टीकाकरण से बचने के लिए आम के पेड़ को बनाया अपना सुरक्षा कवच

प्रेरणा: (कोरोना और वैक्सीनेशन अपडेट – चित्तौड़गढ़, राजस्थान ) कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार की ओर से अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने का

Continue reading

सहअस्तित्व पर आधारित है गोंड समुदाय की ‘साझा’ व्यवस्था

अनुज बेसरा: आदिवासी समुदाय हमेशा से ही सहअस्तित्व पर विश्वास करते हुए और उसे जीते आए हैं। वह प्रकृति हो या प्राणिजगत, वह सबसे उतना

Continue reading

1 2 3